आस्था का जिस्म घायल , रूह तक बेजार है
क्या करे कोई दुआ जब देवता बीमार है
खूबसूरत जिस्म हो या सौ टका ईमान हो
बेचने की ठान लो तो हर तरफ बाज़ार है
क्या करे कोई दुआ जब देवता बीमार है
खूबसूरत जिस्म हो या सौ टका ईमान हो
बेचने की ठान लो तो हर तरफ बाज़ार है
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