तुम याद न आया करो
Friday, August 8, 2014
ज़ख्म
ज़ख्म जब मेरे सीने के भर जाएंगे, आंसू भी मोती बनकर बिखर जाएंगे,
ये न पूछना किस किस ने दर्द दिया, वरना कुछ अपनों के भी चेहरे उतर जाएंगे !
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment